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छोड़ ख़ामोशी आज बोल ही पड़ा आखिर सूना पड़ा वो तालाब कहाँ रहते हो जनाब ? ? ? आते नही हो छलाँग लगाने कर के घरवालों से नये ...
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गुमनाम चेहरा गुमनाम सा चेहरा हूँ अभी तक यहाँ तभी तो किसी को भी मैं न दिखता हूँ नादां सा हूँ इस दुनियाँ में अभी तक तभी तो किसी ...
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हर रोज़ दुनियाँ बदलने की सोच लेता हूँ मैं पर अब तक क्यों खुद को न बदल पाया हूँ बन चुका हूँ कितना नादां मैं ,किसको बदलू रोशनी है दु...
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हमसे मिलने की हर वजहें तुम यूँ किस्मत पर न सब छोड़ा करो कभी मिलने की सोचकर क़दम आशियाने की और भी मोड़ा करो नही चाहते आना गर दर प...
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जिंदगी तो है इक खेल निराला अब ये खेल तो हमें खेलना है माना कठिन समय आजकल पर आगे तो इसको धकेलना है पल पल क्यों बदलता रहता है बिन मत...
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Wednesday, February 7, 2018
चाहूं आज मैं पास तेरे आना
दे दे किस्मत तू कोई बहाना
हर पल तू क्यों देती मुझको
दर्द जुदाई का इक अनजाना
कर यत्न तू अब मिलन का
छोड़ दे अब यूँ मुझे सताना
आज ज़रूरत है उसको मेरी
ज़रूरी है पास उसके जाना
जब मैं हूँ सबकुछ उसका
फ़िर क्यों बना दिया बेगाना
खास दिन है ये उसका आज
जो मुझे साथ उसके मनाना
ए हवा तू ही दे दे साथ आज
पहुँचा दे मेरा खास नजराना
स्वीकार करो शुभकामनाएँ
और देदो मुझको माफीनामा
जन्मदिवस मुबारक हो मेरे बिना
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