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जीविका निर्वाह की व्यस्तता में हम कुछ इस तरह खो गये कि हम लौहडी और संक्राति जैसे त्योहारों को भूल गये नही याद आयी वो तिलों वाली रेबडिय़...
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चार कामों हम थोड़े क्या उलझ गये तुम ही मुझको बेपरवाह समझ गये तुम ही तो मेरे आदर्श और सहारा थे फ़िर तुम्हारी नज़र में क्...
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अपना ग्रुप कौन रहेगा किस समूह में सब मन ही मन में रट रहे थे थे सब बैचेन यहाँ क्योंकि सब चार ग्रूप्स में बँट रहे थे किसको पता था कि इं...
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गुमनाम चेहरा गुमनाम सा चेहरा हूँ अभी तक यहाँ तभी तो किसी को भी मैं न दिखता हूँ नादां सा हूँ इस दुनियाँ में अभी तक तभी तो किसी ...
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छोड़ ख़ामोशी आज बोल ही पड़ा आखिर सूना पड़ा वो तालाब कहाँ रहते हो जनाब ? ? ? आते नही हो छलाँग लगाने कर के घरवालों से नये ...
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वो सात दिन किसी कोने में है मेथ मेजिक तो किसी कोने में है लुकिंग अराउंड क्या उत्सव है आवडी में आज हर कोने से आ रहा है अजीब साउंड कुछ को...
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हर रोज़ दुनियाँ बदलने की सोच लेता हूँ मैं पर अब तक क्यों खुद को न बदल पाया हूँ बन चुका हूँ कितना नादां मैं ,किसको बदलू रोशनी है दु...
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दिल में तो थी बहुत बातें उनके पर न जाने क्यों वो बता ना सके किस बात की परवाह थी उनको जो प्यार हमसे वो जता ना सके शायद ख़त...
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यात्रा वृतांत :- मेसूर एक बार फ़िर कुछ भी लिखने से पहले मैं एक अनुभव सांझा करना चाहूंगा जो मैंने कई संगठनो में कार्य करते हुए महसुश किया है ...
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जिंदगी तो है इक खेल निराला
अब ये खेल तो हमें खेलना है
माना कठिन समय आजकल
पर आगे तो इसको धकेलना है
पल पल क्यों बदलता रहता है
बिन मतलब के चलता रहता है
रोक न पाये कोई इसे कभी भी
हरदम क्यों ये मचलता रहता है
हो जाओ सब मजबूत साथियों
न जाने कितना और झेलना है
जिंदगी है............
मिल कर सब इसके साथ चलो
हाथो में डाल सब ये हाथ चलो
छोड़ के झगडे अपने अब तुम
डाल नाक में इसके नाथ चलो
हो जाये जिंदगी रंगीन सबकी
ऐसा रंग कोई तुम्हे उड़ेलना है
जिंदगी तो है......
चौंकें ये ऐसा कोई काम कर दो
ग़म सबके तुम मिलके हर दो
फैला दो खुशियाँ ही खुशियाँ
हर किसी की झोली ये भर दो
मुश्किल नही तुम्हारे लिये कुछ
करनी नही कोई अवेहलना है
जिंदगी तो है.......
जीवन है जैसा आगे बढाना है
नित नई मंजिल इसे चढ़ाना है
करके कुछ जतन आज ही इसे
आसमान तक अब यूँ चढाना है
कोई भी बहाना तुम्हे "उज्ज्वल "
इससे बचने का नही पेलना है
जिंदगी तो है........
जिंदगी तो है इक खेल निराला
अब ये खेल तो हमें खेलना है
माना कठिन समय आजकल
पर आगे तो इसको धकेलना है

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