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गुमनाम चेहरा गुमनाम सा चेहरा हूँ अभी तक यहाँ तभी तो किसी को भी मैं न दिखता हूँ नादां सा हूँ इस दुनियाँ में अभी तक तभी तो किसी ...
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वो सात दिन किसी कोने में है मेथ मेजिक तो किसी कोने में है लुकिंग अराउंड क्या उत्सव है आवडी में आज हर कोने से आ रहा है अजीब साउंड कुछ को...
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हर रोज़ दुनियाँ बदलने की सोच लेता हूँ मैं पर अब तक क्यों खुद को न बदल पाया हूँ बन चुका हूँ कितना नादां मैं ,किसको बदलू रोशनी है दु...
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Monday, December 5, 2016
आँखो में नींद नही है
दिल में प्यार नही है
बाँट ले दर्द मेरा आज
ऐसा कोई यार नही है
हंस लू खिलखिला के
ऐसा कोई वार नही है
काट दे इस तन्हाई को
ऐसा हथियार नही है
बेरुही सी हुई जिंदगी
उसका आकार नही है
बैचेनी इतनी कि मानो
जीवन साकार नही है
चूक रहे है हर निशाने
छुरीमें अब धार नही है
पता नी क्यों खिन्न हूँ
किसीसे तकरार नही है
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